रिम्स से जेल में किया गया शिफ्ट, 2 महीने बाद फिर से सलाखों के पीछे पूजा सिंघल

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झारखंड की निलंबित खान सचिव पूजा सिंघल मनरेगा घोटाला और मनी लाउंड्रिंग केस की आरोपी फिर से सलाखों के पीछे चली गईं। उनको बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से रविवार देर शाम में शिफ्ट कर दिया गया। पिछले बीते 2 महीने से बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत को लेकर रिम्स में इलाजरत थीं पूजा| पूजा सिंघल बीते 2 माह से रिम्स के पेईंग वार्ड में भर्ती थीं। हालांकि, रविवार को मेडिकल बोर्ड ने पूजा सिंघल को पूरी तरह फिट पाया और अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। पूजा सिंघल पर खूंटी की डीसी रहते हुए मनरेगा घोटाले का आरोप है। 27 सितंबर को उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से रिम्स हॉस्पिटल लाया गया था। हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद उन्हें वापस बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार ले जाया गया है।

हाल में सूत्रों ने ईडी के हवाले से बताया था कि पूजा सिंघल ने जमानत लेने के लिए गलत एंजियोग्राफी रिपोर्ट बनाने की कोशिश की थी लेकिन अधिकारियों की सक्रियता की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाईं। उनकी जमानत याचिका कई बार खारिज हो चुकी है। 6 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने  को तड़के पूजा सिंघल सहित उनके करीबियों के कम से कम 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

छापेमारी के दौरान पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के सीए सुमन कुमार के आवास और कार्यालय से 19 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी मिली थी। निवेश से संबंधित कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए थे। ईडी ने पूजा सिंघल को 10 मई को पहली बार पूछताछ के लिए बुलाया। 11 मई को लंबी पूछताछ के बाद पूजा सिंघल को गिरफ्तार कर लिया गया। पूजा सिंघल को 25 मई को होटवार जेल भेज दिया गया। यहीं से 27 सितंबर को पूजा सिंघल को सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद रिम्स में भर्ती कराया गया था। हाल ही में सीए सुमन कुमार ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पूजा सिंघल के निर्देश पर अवैध खनन से वसूली की जाती थी और ये रकम कई नौकरशाहों और राजनेताओं तक पहुंचती थी।  

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