प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिव ज्योति भवन केलाबागान पिठोरिया में
श्री राम कथा का शुभारंभ
दीप प्रज्वलित कर व पूजा अर्चना,आरती के साथ किया।
कथा वाचिका अमृतमयी वाणी बाल-ब्रह्मचारिणी राजयोगिनी तपस्वनी ब्रह्माकुमारी प्रभा दीदी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा की श्रीरामचरित्र मानस का मुख्य सारांश यही है कि हमें प्रभु श्री राम की तरह मर्यादित होकर अपने जीवन के उत्तरदायित्व को निभाना होगा। उन्होने कहा की आज पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रचलन के चलते जिस प्रकार से भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर प्रहार हो रहा है, उसी के परिणामस्वरूप आज हमारी युवा पीढ़ी तेजी से भ्रमित हो रही है। ऐसे में यदि भारतीय संस्कृति वेदों, पुराणों, ग्रंथों में बताए प्रेरणा प्रसंगों का प्रसार नहीं किया गया, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हमारी भावी पीढ़ी को भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि विद्वान बनना आसान है, सुजान और महान बनना भी आसान है, लेकिन इंसान बनना कठिन है। श्री राम कथा आदर्श पथ पर चलने की प्रेरणा देती है। श्री राम का चरित्र जहां एक ओर पारिवारिक रिश्तों की अहमियत को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर जाति पाती के भेदभाव को मिटाकर मानव मात्र में सौहार्द की भावना जगाता है। वही बी.के राजमति दीदी ने बताया कि 14 सितम्बर बुधवार से प्रारंभ हुई श्री राम कथा का समापन 20 सितंबर मंगलवार को होगा। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कथा होगी। इसके उपरांत रोजाना आरती और प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय जनता युवा मोर्चा कला एवं खेल प्रकोष्ठ रांची महानगर के संयोजक आशुतोष द्विवेदी,संपति देवी, अशोक उरांव, लालो देवी,उर्मिला देवी,बी.के नरायण भाई, नेहा कुमारी,
समेत व सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।
