एसीसी सीमेंट वर्क्स चाईबासा ने नियुक्ति पत्र तो खूब बांटे, लेकिन अब नौकरी देने में आनाकानी कर रहा है. यह बात एसीसी फैक्ट्री बैठाने के लिये जमीन देने वाले गांव कोंदवा के ग्रामीणों ने कही. मानवाधिकार सहायता संघ ने कोंदवा में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिये बैठक बुलायी थी. इसी बैठक में ग्रामीणों ने ये समस्याएं रखीं और समाधान की गुहार लगायी. ग्रामीणों ने कहा कि कुछ वर्ष पहले एसीसी में नौकरी के लिये एसीसी प्रबंधन ने बड़ी संख्या में तामझाम के साथ नियुक्ति पत्र बांटा था, लेकिन दुर्भाग्य से आजतक अधिकतर लोगों को ज्वाइनिंग नहीं मिली.
वे आज भी ज्वाइनिंग की राह ताक रहे हैं. एसीसी को जमीन देने वाले ब्रजमोहन गोडसोरा का कहना है कि उन्हें दो साल पहले 29 जुलाई 2021 को नियुक्ति पत्र दिया गया था, लेकिन नौकरी आज तक नहीं मिली. फिर भी ज्वाइनिंग की प्रतीक्षा है. उन्होंने कहा कि एसीसी अधिकतर रैयतों के साथ यही खेल खेलता है. पहले नियुक्ति पत्र बांट देता है और फिर ग्रामीणों की जमीन लीज पर ले लेती है, लेकिन जमीन लेने के बाद नौकरी देने में वह आनाकानी शुरू कर देता है. सहायक ग्राम मुंडा शशिभूषण हेस्सा ने शिकायत की कि कुंदरूगुटू तथा एटेकेगुटू नामक स्थानों पर वनों की अवैध कटाई हो रही है. साथ ही पत्थरों का अवैध उत्खनन भी हो रहा है. इस गोरखधंधे में बड़ालिसिया के हेस्साबासा टोले के कुछ लोग शामिल हैं.