आज झारखंड मुस्लिम युवा मंच (JMYM) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी के नेतृत्व में राजभवन जाकर महामहिम राज्यपाल महोदय से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं, पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और शासकीय भवनों पर उर्दू भाषा की अनदेखी जैसे गंभीर विषयों पर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।
प्रमुख मांगें और चर्चा के बिंदु:
मॉब लिंचिंग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई: प्रतिनिधिमंडल ने लातेहार, रामगढ़, गोड्डा और सरायकेला सहित विभिन्न जिलों में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं का विवरण देते हुए दोषियों पर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित परिवारों का पुनर्वास: मंच ने मांग की कि लिंचिंग के शिकार परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, बच्चों को मुफ्त शिक्षा, सम्मानजनक मुआवजा और अंत्योदय कार्ड स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत तत्काल अच्छादित्य किया जाए जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
उर्दू भाषा का सम्मान: प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि झारखंड की द्वितीय राजभाषा होने के बावजूद लोक भवन एवं राज्यपाल सचिवालय के मुख्य द्वार पर उर्दू को स्थान नहीं दिया गया है। उन्होंने मांग की कि भाषाई समानता के संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए सभी प्रमुख भवनों पर उर्दू भाषा को स्थान दिया जाए।
महामहिम राज्यपाल का आश्वासन:
मुलाकात के दौरान महामहिम राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन विषयों पर नियमानुसार उचित संज्ञान लिया जाएगा और राज्य में सामाजिक न्याय व संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य:
इस मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से झारखंड मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी, शहर काजी मसूद फरीद ,डॉ. दानिश इफ़्तेखार एहसान सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रेषक:
केंद्रीय कार्यालय,
झारखंड मुस्लिम युवा मंच (JMYM)
राँची। 9431108511/8709955055
