झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है।
उन्होंने कहा कि जिस बजट को भाजपा “दिशाहीन” और “रंगहीन” बता रही है, उसी बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए 34,211 करोड़ रुपये का जेंडर बजट, बच्चों के कल्याण हेतु 10,793 करोड़ रुपये का बाल बजट, ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 730 करोड़ रुपये, पर्यटन क्षेत्र में दशम, जोन्हा, हुण्डरू जलप्रपात सहित राज्य के प्रमुख स्थलों के विकास की योजनाएं तथा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं, जो आने वाले समय में लगभग 45 हजार रोजगार सृजित करेंगे।
श्री पांडेय ने कहा कि भाजपा को महिलाओं, किसानों, युवाओं और गांवों के विकास की योजनाएं “लूट” इसलिए दिखाई दे रही हैं क्योंकि यह बजट बिचौलियों के बजाय सीधे आम जनता को सशक्त करता है। धान खरीद, छात्रवृत्ति, पेंशन या गैस सिलेंडर जैसे मुद्दों पर भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब यही बजट है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को मजबूत किया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र से प्राप्त सहायता और राज्य के अपने संसाधनों के संतुलित उपयोग से ही विकास संभव है, और यही इस बजट की मूल भावना है। स्थानीय निकायों को पहली बार 1172 करोड़ 66 लाख रुपये का अनुदान देकर सरकार ने विकेंद्रीकृत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।
झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा के पास न तो गांवों के विकास का कोई वैकल्पिक विजन है और न ही महिलाओं के सशक्तिकरण का कोई ठोस खाका। इसलिए वह जनहितकारी बजट पर तथ्यहीन आरोप लगाकर राज्य की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड को आत्मनिर्भर और समतामूलक विकास के नए युग में ले जाएगा।
