भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा
मोदी सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर खुला प्रहार
लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा
वक्फ बिल भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। भाजपा ने देश को गहरे संकट में धकेल दिया है और समाज में नफरत और विभाजन की लकीर खींच दी है। जिस समय पूरी दुनिया विज्ञान और विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की ओर बढ़ रही है, उस समय मोदी सरकार एक खास समुदाय के अधिकारों को छीनने में व्यस्त है। यह बिल न केवल असंवैधानिक है, बल्कि मूलभूत अधिकारों का भी घोर उल्लंघन करता है।
यह बिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों को खत्म करने के लिए जबरन संसद में लाया गया है। आज सरकार की नजर एक समुदाय की जमीन पर है, तो कल यह तानाशाही रवैया किसी और अल्पसंख्यक वर्ग पर भी लागू होगा। लोकतंत्र की हत्या और जबरदस्ती के इस कानून के खिलाफ हम हर मंच पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
नीतीश, नायडू और चिराग जैसे नेताओं ने सेक्युलरिज़्म का मुखौटा पहनकर भाजपा की मदद की है, लेकिन जनता उनकी साजिशों को अब समझ चुकी है। समय आने पर देश इनसे जवाब जरूर लेगा।
हम इस बिल को पूरी तरह खारिज करते हैं और इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से इस अन्याय का पुरजोर विरोध होगा, ताकि देश में न्याय और समानता की रक्षा की जा सके।
