मकतब ए मोहम्मदी के 4 वर्ष पूरे, इस्लामिक क्विज व क्राफ्ट एग्जीबिशन का भव्य आयोजन

न्यूज़
Spread the love


रांची के गुदरी चौक में दिखा इस्लामी तालीम का शानदार नज़ारा

रांची:
मकतब ए मोहम्मदी के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर हर साल की तरह इस वर्ष भी गुदरी चौक स्थित संजू पार्षद के मैरेज हॉल में एक भव्य इस्लामिक क्विज प्रतियोगिता एवं क्राफ्ट एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों और शहर के गणमान्य लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

इस मौके पर मकतब ए मोहम्मदी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। रांची का यह पहला ऐसा मकतब बना, जिसने अपने मकतब से एक हाफिज़-ए-क़ुरआन तैयार किया। आमतौर पर मदरसों में मुकम्मल कुरआन हिफ़्ज़ की मिसालें देखने को मिलती हैं, लेकिन मकतब स्तर पर यह उपलब्धि अपने आप में मिसाल है। हाफिज़ बनने वाले छात्र को बतौर तोहफा साइकिल, मेडल और अन्य कई उपहार प्रदान किए गए।

इस्लामिक क्विज प्रतियोगिता में मकतब ए मोहम्मदी के सभी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में इस्लामी सवालात पूछे गए और विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा की गई, जिनमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान के साथ-साथ बेस्ट स्पीच, बेस्ट राइटर, बेस्ट डिसिप्लिन और बेस्ट टीचर के पुरस्कार शामिल रहे। खास बात यह रही कि प्रतियोगिता में लड़कियों का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुफ्ती अनवर साहब उपस्थित रहे। इसके अलावा कडरू मदरसा के मौलाना समेत शहर के कई मशहूर उलेमा-ए-कराम ने शिरकत की और मकतब की इस पहल की जमकर सराहना की। गुदरी चौक के एक छात्र द्वारा कुरआन हिफ़्ज़ किए जाने पर मौजूद लोगों ने इसे पूरे इलाके के लिए गर्व का विषय बताया।

मकतब ए मोहम्मदी के संचालक मोहम्मद फारूक एवं सदर मोहम्मद इरफान ने कहा कि बच्चों और असातिज़ा की मेहनत आज रंग लाती दिख रही है। उन्होंने कहा कि मकतब का मकसद सिर्फ तालीम देना नहीं, बल्कि बच्चों के अख़लाक़ और किरदार को भी बेहतर बनाना है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में हाजी इमरान, तनवीर, शाकिब, बबलू तथा गुदरी चौक के तमाम नौजवानों का अहम योगदान रहा। वहीं, क्षेत्र के पार्षद जनाब मोहम्मद सलाउद्दीन उर्फ़ संजू पार्षद ने भी पूरे जोश के साथ कार्यक्रम में सहयोग किया।

संजू पार्षद ने अपने संबोधन में कहा कि मकतब खुलने के बाद से इलाके का माहौल काफी हद तक बदला है। लोग अच्छाई और दीन की तरफ बढ़ रहे हैं। बच्चे और बच्चियां इस्लामी तालीम हासिल कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। यह एक सराहनीय पहल है, जिससे समाज बुराइयों से दूर होगा और इस्लाम को सही मायने में समझेगा।

गौरतलब है कि मकतब ए मोहम्मदी के संचालक मौलाना फारूक चांदनी मस्जिद के इमाम भी हैं। उनकी यह शैक्षणिक और सामाजिक पहल काबिले-
तारीफ मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *