मंईयां सम्मान यात्रा, जो 23 सितंबर से शुरू होकर, पलामू और कोल्हान प्रमंडल के कुल 6 जिलों में पहुंची

झारखण्ड
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मंईयां सम्मान यात्रा, जो 23 सितंबर से शुरू होकर, पलामू और कोल्हान प्रमंडल के कुल 6 जिलों में पहुंची, उसमें हमें लाखों माताओं, बहनों, बेटियों, भाइयों और बुजुर्गों का स्नेह और आशीर्वाद मिला। पिछले 7 दिनों में हर जिले में यह यात्रा जन-जन की यात्रा बन गयी।

बाबा बंशीधर का आशीर्वाद हो, या गढ़देवी की कृपा, सेरेंगसिया घाटी की वीर भूमि की क्रांति का उद्घोष हो, या वीर शहीद निर्मल महतो के संघर्ष की गाथा – वीर पुरुखों और लाखों लोगों के आशीर्वाद के साथ यह यात्रा हमारी शक्तिपुंज बन गयी।

मंईयां सम्मान योजना और आधी आबादी के लिए हेमन्त जी के नेतृत्व में अबुआ सरकार द्वारा चलायी जा रही कई क्रांतिकारी योजनाओं की झलक माताओं-बहनों के चेहरों पर साफ दिख रही थी। वह एहसास साफ दिख रहा था कि हेमन्त है तो हिम्मत है।

आदरणीय दिशोम गुरुजी और माँ रूपी सोरेन का आशीर्वाद, हेमन्त जी का विश्वास और आदरणीय बेबी देवी जी तथा बहन दीपिका जी के साथ ने यात्रा को ऊर्जा से भर दिया। पलामू और कोल्हान प्रमंडल के माननीय नेताओं और कर्मठ कार्यकर्ताओं ने भी यात्रा को अपनी शक्ति प्रदान की। सभी 6 जिला प्रशासन को भी बहुत-बहुत धन्यवाद।

अबुआ सरकार ने मंईयां सम्मान योजना एवं अन्य योजनाओं के जरिए नारी सशक्तिकरण का जो रास्ता प्रशस्त किया है, वह एक नई इबारत लिख रहा है। हर कदम पर आधी आबादी की भागीदारी इस बात का संकेत है कि झारखण्ड के विकास में आधी आबादी की पूरी भागीदारी सुनिश्चित होने वाली है।

हम जल्द ही बाकी जिलों में भी जायेंगे और अबुआ सरकार के महिला सशक्तिकरण के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाकर इसे एक सशक्त आंदोलन का रूप देंगे।

नारी शक्ति जिंदाबाद!
जय मंईयां!
जय जोहार!

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