कोरोना महामारी की वजह से पिछले 2 सालों से विश्व प्रसिद्ध श्रवाणी मेला का आयोजन नहीं हो पा रहा था. लेकिन, इस वर्ष एक बार फिर भव्य स्तर से श्रावणी मेला का आयोजन किया जा रहा है, जिसको लेकर युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है. बता दें, सावन के महीने में देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो इस बार देवनगरी देवघर में आयोजित होने वाले राजकीय श्रावणी मेला 2023-24 के दौरान जिला प्रसाशन ने कांवड़ियों का स्वागत नई व्यवस्था से करने का पूरा इंतजाम कर लिया है। 4 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले में इस बार काफी कुछ खास होगा जिनमें भक्तों की सुविधा बढ़ाने के लिए और भीड़ नियंत्रण के लिए कई नई व्यवस्थाएं दिखेंगी । इस वर्ष देवघर के सावनी मेले में पहली बार डिजिटल मिस्ट कूलिंग सिस्टम और शीघ्रदर्शनम कतार की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वहीं डिजिटल ईसीजी मशीन के अलावा गंगा की मिट्टी पर कांवरियों की थकान मिटाने
का इंतजाम किया जा रहा है।
श्रावणी मेले में इस बार जिला प्रशासन ने झारखंड के प्रवेश द्वार दुम्मा से खजुरिया तक पहली बार कांवड़ियों को गंगा की मिट्टी पर चलाने का इंतजाम किया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने कांवरिया पथ को अतिक्रमण मुक्त करा सड़क को चौड़ा करना शुरू कर दिया है। इन पर गंगा की मिट्टी बिछाई जा रही है ताकि लंबी पैदल यात्रा कर बाबा धाम पहुंचने वाले कांवड़ियों की थकान गंगा की मिट्टी को स्पर्श करते ही मिट जाए। इतना ही नहीं कांवरिया पथ स्थित सरासनी में बनाए गए आध्यात्मिक भवन में कांवरिया भक्तों के ठहराव और उनके भोजन की व्यवस्था भी बेहतर की गई है। इस आध्यात्मिक भवन में भोजन की दर का निर्धारण भी जल्द कर दिया जाएगा। जिला अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के मुताबिक कांवड़ियों को आध्यात्मिक केंद्र में सस्ता भोजन
उपलब्ध कराया जाएगा।
मेले के उद्घाटन के मौके पर मंत्री बादल पत्रलेख मौजूद रहे. उन्होंने कहा, देवघर अपने भव्य स्वरूप के साथ आने वाले कांवरियों के अभिनंदन के लिए तैयार है. इस वर्ष कांवरिया पथ में गंगा की मखमली मिट्टी बिछाई गयी है.
सीएम हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया के जरिए श्रावण मास में देवघर आने वाले शिव भक्तों को शुभकामनाएं दी है. अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास के शुभ अवसर पर सभी को अनेक-अनेक शुभकामनाएं और जोहार. राजकीय श्रावणी मेला में झारखण्ड सरकार आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करती है. भगवान भोलेनाथ सभी की मनोकामना पूर्ण करें. हर हर महादेव।
श्रावणी मेला को लेकर झारखंड बिहार दुम्मा बॉर्डर पर कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. बिहार के कांवरिया पथ पर मखमली बालू (सफेद बालू) बिछा दिया गया है. वहीं देवघर में भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्य जारी है. इसके साथ-साथ 13 जुलाई को उद्घाटन के लिए एक विशाल पंडाल भी बनाया गया है, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन श्रावणी मेला का उद्घाटन करेंगे.
