इंसानियत का धर्म सरहदों से परे न्याय और शांति की पुकार

आज के दौर में, जब दुनिया अक्सर ‘हम’ और ‘वे’ की दीवारों में बंटती नजर आती है, यह याद रखना अनिवार्य है कि मानवता का कोई भूगोल नहीं होता। किसी भी समाज की असली पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बीच रहने वाले अल्पसंख्यकों और कमजोर तबकों के साथ कैसा व्यवहार करता […]

Continue Reading